प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रों से मनेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों ने सीखा तनाव को ‘बाय-बाय’ कहना
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। परीक्षा का नाम आते ही अक्सर विद्यार्थियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं, लेकिन दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (DWPS), मनेंद्रगढ़ में नज़ारा कुछ अलग ही था। यहाँ विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे परीक्षा से डरेंगे नहीं, बल्कि इसे एक ‘उत्सव’ की तरह मनाएंगे। मौका था माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायक पहल ‘परीक्षा पर चर्चा’ के विशेष आयोजन का।

तनाव मुक्त परीक्षा: सफलता की नई परिभाषा
विद्यार्थियों के मानसिक विकास और परीक्षा के बोझ को कम करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के संदेशों को साझा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु यह रहा कि “परीक्षा जीवन की कसौटी नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निखारने का एक अवसर है।” स्कूल के सभागार में छात्र-छात्राओं को निम्नलिखित महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए:
- समय प्रबंधन : कैसे पढ़ाई और विश्राम के बीच सही संतुलन बनाया जाए।
- सकारात्मक सोच: विफलता के डर को आत्मविश्वास में बदलने की कला।
- स्वस्थ दिनचर्या: अच्छी नींद और संतुलित आहार का परीक्षा परिणाम पर प्रभाव।
उत्साह और संकल्प का संगम
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का जोश देखते ही बनता था। प्रधानमंत्री के संवाद से प्रेरित होकर छात्रों ने माना कि नियमित अध्ययन और सही तकनीक से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। विद्यालय के शिक्षकों ने भी व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को तनावमुक्त रहने के टिप्स दिए।
हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को मानसिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे जीवन की हर चुनौती का मुस्कुराकर सामना कर सकें। प्रधानमंत्री जी की यह पहल इस दिशा में एक मील का पत्थर है।
— पूनम सिंह, डायरेक्टर
कृतज्ञता और भविष्य की राह
विद्यालय परिवार ने इस दूरदर्शी पहल के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगामी परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे।







