8 गांवों के हजारों किसानों के खेतों तक पहुँचेगा पानी; 1620 हेक्टेयर क्षेत्र होगा सिंचित, बदलेगी क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर
नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया। विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक खुशियां लेकर आया है। विधायक भावना बोहरा के विशेष प्रयासों और प्रदेश की ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार की संवेदनशीलता के चलते बहुप्रतीक्षित रेंगाबोड़ (कुंडा) व्यपवर्तन योजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। ₹63.80 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना पंडरिया के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने का सामर्थ्य रखती है।
किसानों की ‘लाइफलाइन’ बनेगी यह योजना
रेंगाबोड़ (कुंडा) व्यपवर्तन योजना से केवल नहरें ही नहीं बनेंगी, बल्कि हजारों किसानों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर:
- 8 प्रमुख गांवों को लाभ: बनियाकुबा, रेंगाबोड़ (कुण्डा), ओड़ाडबरी, लोखान, सेन्हाभाटा, दुल्लापुर, बर्घरा एवं भुवालपुर सहित आसपास के गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- बड़े रकबे में सिंचाई: लगभग 1620 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
- मानसून पर निर्भरता खत्म: अब क्षेत्र के किसान केवल बारिश के भरोसे नहीं रहेंगे, जिससे कृषि उत्पादन और उनकी आय में भारी वृद्धि होगी।
विकास पथ पर पंडरिया: 121 करोड़ की अन्य योजनाएं भी प्रगति पर
विधायक भावना बोहरा ने इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि किसानों के सशक्तिकरण की नींव है। उन्होंने बताया कि पंडरिया में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए चौतरफा काम हो रहा है:
- बकेला के पास हाफ नदी व्यपवर्तन योजना और रमतला जलाशय का कार्य जारी है।
- क्रांति और देवसरा जलाशय की नहरों का रिमॉडलिंग व विस्तारीकरण कार्य प्रगति पर है।
- सुतियापाट जलाशय मध्यम सिंचाई परियोजना हेतु ₹121 करोड़ की योजनाएं आकार ले रही हैं।
- महीडबरा जलाशय, छीरपानी एनीकट और अमनिया एनीकट जैसे प्रोजेक्ट्स से जल संकट दूर होगा।
“मोदी की गारंटी” और किसानों की समृद्धि
विधायक भावना बोहरा ने विश्वास जताया कि ये परियोजनाएं पंडरिया विधानसभा को कृषि के क्षेत्र में एक नई और वैश्विक पहचान दिलाएंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार “मोदी की गारंटी” को तत्परता से पूरा कर रही है। इन जल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र में जल स्तर बढ़ेगा और किसानों को बारहमासी जल स्रोतों का लाभ मिलेगा, जो गाँवों की खुशहाली का मुख्य आधार बनेगा।







