वर्ष 2025 के अंतिम जनदर्शन में दिखा प्रशासन का मानवीय चेहरा, गांधी प्रतिमा के समीप बैठकर आवेदकों के बीच पहुँचीं कलेक्टर
सिर्फ आवेदन लेना नहीं, समाधान करना है प्राथमिकता, बैकुंठपुर से पोड़ी-बचरा तक के फरियादियों के मिले 40 आवेदन, त्वरित निराकरण के निर्देश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया। वर्ष 2025 की अंतिम विदाई और कड़ाके की ठंड के बीच कोरिया जिले में प्रशासन का एक अनोखा और संवेदनशील रूप देखने को मिला। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट के बंद कमरों की जगह कलेक्ट्रेट परिसर के खुले आसमान के नीचे, सुनहरी धूप में जनदर्शन आयोजित किया। महात्मा गांधी की प्रतिमा की छाँव में आयोजित इस ‘धूप वाली चौपाल’ ने न केवल ठंड से राहत दी, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को भी कम कर दिया।
जनता के बीच पहुँचीं कलेक्टर
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और दूर-दराज से आए आवेदकों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया। बैकुंठपुर, पटना, सोनहत और पोड़ी-बचरा जैसे दुर्गम क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने जब कलेक्टर को अपने बीच खुले माहौल में बैठे देखा, तो उन्होंने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। कलेक्टर ने एक-एक आवेदन को गंभीरता से पढ़ा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी।

40 आवेदनों पर तत्काल एक्शन
जनदर्शन में मुख्य रूप से भूमि पर अवैध कब्जा हटाने, बंटांकन, नामांतरण, नक्शा दुरुस्ती और लंबित भुगतान जैसे गंभीर विषयों से संबंधित 40 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को हिदायत दी कि “प्रशासन का काम सिर्फ कागजों का अंबार लगाना नहीं, बल्कि नियमानुसार त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।” उन्होंने अधिकारियों को ठंड के मौसम में जनहित को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की रही भारी मौजूदगी
इस विशेष जनदर्शन में अपर कलेक्टर सुरेंद्र वैध सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। वर्ष 2025 के इस अंतिम साप्ताहिक जनदर्शन ने यह संदेश दिया कि यदि नियत साफ हो, तो प्रशासन जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर सकता है।
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