The specified slider id does not exist.

डिजिटल दावों पर तगड़ा ब्रेक ! ‘पेपरलैस’ छत्तीसगढ़ विधानसभा की वेबसाइट पर अब भी बीता कल

Share this post:

राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था नए भवन का लोकार्पण, दो सप्ताह बाद भी वेबसाइट पर पुरानी तस्वीर लाखों के डिजिटल दावे प्रशासनिक सुस्ती के कारण मज़ाक बने

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया, भव्य भवन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा राज्य स्थापना की रजत जयंती 1 नवंबर के अवसर पर लोकार्पित किया गया था। यह भवन पूरी तरह ‘पेपरलैस’ और डिजिटल टेक्नोलॉजी से लैस होने का दावा करता है। लेकिन, इस हाईटेक विधानसभा की अपनी ऑनलाइन पहचान ही गंभीर प्रशासनिक सुस्ती का शिकार है। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी छत्तीसगढ़ विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट www.cgvidhansabha.gov.in पर अब भी पुराने और जर्जर भवन की तस्वीर टंगी हुई है। यह विसंगति केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि उस डिजिटल इंडिया के नारे का खुला उपहास है, जिसे प्रधानमंत्री और राज्य सरकार दोनों बढ़ावा देने का दावा करते हैं।

पीएम के संकल्प पर अफसरों की उदासीनता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस भवन का लोकार्पण करते हुए इसे डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम बताया था। यह नया भवन अपने अंदर एकीकृत डिजिटल सिस्टम, टैबलेट आधारित कार्यप्रणाली, और अत्याधुनिक नेटवर्किंग के साथ देश के अग्रणी ‘पेपरलैस’ विधानसभाओं में शामिल होने का गौरव रखता है। बावजूद इसके, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी, जिनकी जिम्मेदारी इस हाईटेक बिल्डिंग को ऑनलाइन भी प्रदर्शित करने की थी, सबसे बुनियादी डिजिटल जिम्मेदारी यानी वेबसाइट अपडेट करने में विफल रहे हैं। प्रधानमंत्री के संकल्प और डिजिटल क्रांति के दावों पर स्थानीय अफसरशाही की यह उदासीनता स्पष्ट करती है कि उनकी प्राथमिकताएँ केवल कागज़ी दिखावा मात्र हैं।

करोड़ों का निवेश और बदहाल डिजिटल फ्रंट

वेबसाइट किसी भी संस्था का डिजिटल फेस होती है, खासकर विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का, जिसका उद्घाटन देश के सर्वोच्च नेतृत्व ने किया हो। करोड़ों रुपये खर्च कर भवन बनाने और उसे डिजिटल बनाने के बावजूद, एक साधारण तस्वीर अपडेट न करना सरकारी फंड की बर्बादी और लापरवाही की ओर इशारा करता है। लाखों रुपये के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख करने वाले विभाग की यह लेट-लतीफी बताती है कि उनका ध्यान त्वरित डिजिटल रेस्पॉन्स पर नहीं है। डिजिटल युग में, जब फ्रंट-एंड वेबसाइट ही अपडेट नहीं है, तो विधानसभा के आंतरिक डिजिटल और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम कितने सुरक्षित और अप-टू-डेट होंगे, यह संदेह पैदा होता है। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए एक राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट में ऐसी अक्षमता, प्रशासनिक सुस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण है।

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail