संगठन सृजन अभियान के बाद ज़िला अध्यक्ष के लिए 6 नामों का पैनल तैयार, कुकरेजा फैक्टर’ ने विरोधियों की बढ़ाई बेचैनी

रायपुर। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के निर्णायक चरण में प्रवेश करते ही रायपुर ज़िला अध्यक्ष पद की गहमागहमी तेज़ हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार किए गए छह नामों के पैनल में, सबसे दमदार और चौंकाने वाला नाम युवा नेता सुनील कुकरेजा का है, जो ज़मीनी कार्यकर्ताओं और युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता के दम पर शीर्ष पर उभर रहे हैं। बैठक में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और पूर्व विधायक शैलेश पांडे की उपस्थिति ने इस प्रक्रिया को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, कुकरेजा का नाम पैनल में सबसे ऊपर होना, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी नेतृत्व अब ज़िले में ताक़तवर और ऊर्जावान नेतृत्व की तलाश में है।
संगठन की कसौटी पर कुकरेजा
रायपुर शहर के लिए बनाए गए इस महत्वपूर्ण पैनल में विनोद तिवारी, सुनील कुकरेजा, सुबोध हरितवाल, संजीव शुक्ला कन्हैया अग्रवाल, श्री कुमार मेनन जैसे अनुभवी और युवा चेहरों को शामिल किया गया है। लेकिन, विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, सुनील कुकरेजा के नाम पर ज़िला संगठन के भीतर सबसे ज़्यादा सहमति बनती दिख रही है। कुकरेजा ने अपने कार्यकाल में संगठन के भीतर बेहतरीन समन्वय स्थापित किया है और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया है, जिसने उनकी दावेदारी को मज़बूती दी है।
युवाओं और ज़मीनी नेताओं का समर्थन
संगठन के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पार्टी अब ऐसे नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहती है जो पुराने-नये का संतुलन साध सके। कुकरेजा, न सिर्फ़ एक स्वच्छ छवि वाले नेता हैं, बल्कि वह पार्टी के उच्च पदों पर बैठे नेताओं के भरोसेमंद भी माने जाते हैं। उनके पक्ष में सबसे बड़ा ‘फैक्टर’ यह है कि वह रायपुर ग्रामीण से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक अपनी पहुँच रखते हैं।
पैनल में कुकरेजा का नाम सबसे ऊपर
जहाँ एक ओर प्रदेश कांग्रेस के पर्यवेक्षक और पदाधिकारी अंतिम निर्णय लेंगे, वहीं खबर है कि ज़िला अध्यक्ष की बागडोर एक ऐसे व्यक्ति को सौंपने की योजना है जो आगामी चुनौतियों के लिए संगठन को युद्धस्तर पर तैयार कर सके। इस दौड़ में कुकरेजा की आगे रहने की ख़बर ने प्रतिद्वंद्वी गुटों की बेचैनी बढ़ा दी है, क्योंकि उनका अध्यक्ष बनना ज़िले के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा फेरबदल ला सकता है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें हाईकमान के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। पैनल में नाम शामिल होने के बाद, कुकरेजा और अन्य दावेदारों को अब दिल्ली और रायपुर में बैठे वरिष्ठ नेताओं की हरी झंडी का इंतज़ार है। माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में, रायपुर शहर कांग्रेस को उसका नया कप्तान मिल जाएगा।




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