छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत पशुधन संरक्षण, नस्ल सुधार और ग्रामीण रोजगार में आएगा नया आयाम
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पहले गौठान योजना संचालित की जा रही थी। अब सरकार ने इसे नई रूपरेखा और विस्तारित सुविधाओं के साथ गौधाम योजना के रूप में लागू करने का फैसला किया है।
गौठान योजना क्या थी ?

गौठान योजना का उद्देश्य था कि गाँवों में एक केंद्रीकृत स्थान पर पशुओं के लिए चारा, पानी और देखभाल की व्यवस्था की जाए। यहाँ पशुपालकों के मवेशियों के लिए शेड, पानी के टैंकर, और गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। यह योजना मुख्य रूप से गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन पर केंद्रित थी।
गौधाम योजना में क्या नया है ?
गौधाम योजना, गौठान योजना का विस्तारित और उन्नत रूप है। इसमें न सिर्फ मवेशियों के लिए आश्रय और देखभाल की व्यवस्था होगी, बल्कि दूध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य जांच, दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण, गोमूत्र आधारित जैविक उत्पाद निर्माण, और चारा उत्पादन केंद्र जैसी नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। साथ ही, यहाँ गौ-पर्यटन और ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्र की भी व्यवस्था की जाएगी।
कौन होंगे लाभान्वित ?
पशुपालक – बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ दूध उत्पादन बढ़ेगा।
किसान – जैविक खाद और चारा की उपलब्धता से खेती की लागत घटेगी।
महिला स्व-सहायता समूह – दुग्ध उत्पाद और जैविक उत्पाद निर्माण में नई आजीविका मिलेगी।
युवा – गौ-पर्यटन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि गौधाम योजना से न सिर्फ पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वावलंबन और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह योजना किसानों और पशुपालकों के साथ-साथ पूरे गाँव की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी।
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