छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, शिक्षा सचिव से मांगा शपथपत्र में जवाब, 19 अगस्त को अगली सुनवाई

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर गांव स्थित एक शासकीय स्कूल में मानवता और बच्चों की सेहत से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। मिड डे मील में बच्चों को कुत्तों द्वारा चाटे गए जूठे भोजन परोसे जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस खबर को प्रमुख अखबारों में प्रकाशित होते ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। मुख्य न्यायाधीश ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य के शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर शपथपत्र में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त तय की गई है।
क्या है पूरा मामला ?

पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर गांव के सरकारी स्कूल में मिड डे मील के तहत मिट्टी के बर्तनों में खुले चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा था। इस दौरान बच्चों ने देखा कि कुत्ते भोजन चाट रहे हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद उन्हीं बर्तनों में बना वही खाना बच्चों को परोस दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्चों के परिजनों ने स्कूल में हंगामा किया। स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए 83 बच्चों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगानी पड़ी।
कोर्ट की सख्ती: “यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बच्चों के स्वास्थ्य और गरिमा से खिलवाड़”
हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण बताया है। अदालत ने पूछा है कि आखिर ऐसे हालातों में बच्चों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
अब सवाल उठते हैं :
स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता और निगरानी किसके भरोसे?
क्या मिड डे मील सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गया है?
आखिर बच्चों की सेहत से यूं खिलवाड़ क्यों?
यह मामला छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी होंगी।
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