2047 तक विकसित छत्तीसगढ़” का संकल्प : हरिभूमि – inh ज्ञान धारा मंच से बोले मुख्यमंत्री :  शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की नींव।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ में की बड़ी घोषणाएं, 5000 नए शिक्षकों की भर्ती, स्कूलों में तकनीकी सुविधाएं और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा की पहल, उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित कर दिया गया प्रेरणा का संदेश

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर । राजधानी में आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का रोडमैप जनता के समक्ष रखा। हरिभूमि और INH मीडिया समूह द्वारा आयोजित इस संवाद मंच में मुख्यमंत्री ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षकों और छात्रों के अनुपात में असंतुलन को दूर करते हुए सभी स्कूलों में अब शिक्षक पदस्थ हैं। ग्रामीण अंचलों के वर्षों से बंद स्कूल पुनः संचालित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है, जिससे बच्चों के सीखने की क्षमता में वृद्धि हुई है। PM-श्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। स्कूल भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट तथा छात्रावासों के सुधार हेतु भी विशेष पहल की गई है।

नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर का नया चेहरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र अब शिक्षा और पर्यटन के केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में शामिल हुआ है। सरकार ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत नक्सलियों के पुनर्वास के लिए काम कर रही है। 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

उच्च शिक्षा का हब बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य में अब 15 मेडिकल कॉलेज, 19 निजी विश्वविद्यालय और 3 नए विश्वविद्यालय निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को उच्च शिक्षा का केंद्र बनाना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है।विकसित छत्तीसगढ़ 2047: शिक्षा ही प्राथमिकता

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 : शिक्षा ही प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत – विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ डॉक्यूमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। लक्ष्य है कि विद्यालय और विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के मानकों को प्राप्त करें।

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से नवाजा गया। सम्मानित शिक्षकों में के. शारदा, बी.आर. साहू, भरत किशोर यादव, डॉ. धनंजय पांडेय और बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं। इस अवसर पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा, खेल एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, शिक्षाविद, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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