नवरात्रि के आठवें दिन की धार्मिक महत्ता पर श्रद्धालुओं की चिंता, शासन से किया भावनात्मक अनुरोध

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक नया आदेश जारी कर 30 सितंबर 2025 को घोषित महाअष्टमी (नवरात्रि) के स्थानीय अवकाश को रद्द करते हुए 28 अगस्त 2025 (गुरुवार) को नुआखाई पर्व पर अवकाश घोषित किया है। इस आदेश ने प्रदेश में श्रद्धालुओं और विशेष रूप से हिंदू धार्मिक समुदाय में असंतोष की भावना पैदा कर दी है।सरकार के इस फैसले को लेकर कई लोग सोशल मीडिया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि महाअष्टमी हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और विशेष पर्व है, जिसकी सामाजिक और आध्यात्मिक महत्ता वर्षों से स्थापित है।
श्रद्धालु बोले — नुआखाई का स्वागत है, लेकिन महाअष्टमी के साथ अन्याय क्यों ?

श्रद्धालुओं का कहना है कि, हम नुआखाई पर्व का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन महाअष्टमी पर अवकाश रद्द करना हमारी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता है। सरकार चाहे तो दोनों पर अवकाश दे, लेकिन महाअष्टमी को हटाना अस्वीकार्य है।
आदेश की मुख्य बातें :
पिछले आदेश (5 फरवरी 2025) में महाअष्टमी (30 सितंबर) पर स्थानीय अवकाश घोषित था
नए आदेश (01 अगस्त 2025) में यह अवकाश रद्द कर, 28 अगस्त को नुआखाई पर अवकाश घोषित किया गया
यह आदेश सिर्फ नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों/संस्थानों के लिए है
बैंक और कोषालयों पर यह आदेश लागू नहीं होगा
क्या कहता है समाज ?
धार्मिक संगठनों का कहना है कि सरकार को हर धर्म और क्षेत्र की भावनाओं का समान रूप से सम्मान करना चाहिए। शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक संस्थानों से जुड़े लोगों ने भी कहा कि नवरात्रि विशेष रूप से महिलाएं और छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत श्रद्धा का समय होता है, ऐसे में अवकाश का हटना पीड़ादायक है।
जनआवाज :
सरकार से विनम्र आग्रह है कि महाअष्टमी के अवकाश को यथावत रखा जाए, भले ही नुआखाई पर भी अवकाश घोषित किया जाए। आस्था और परंपरा के साथ संतुलन बनाना शासन की जिम्मेदारी है।
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