जिन्दा गांव की ऐतिहासिक सफलता पर बोले श्यामबिहारी जायसवाल – यह सिर्फ प्रमाण पत्र नहीं, नई सोच का उत्सव है
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले का छोटा सा गांव जिन्दा आज प्रदेश के स्वास्थ्य मानचित्र पर एक चमकता सितारा बन गया है। टीबी मुक्त भारत अभियान को जमीनी हकीकत में बदलते हुए ग्राम पंचायत जिन्दा को छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव घोषित किया गया है। इस ऐतिहासिक क्षण पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल स्वयं गांव जिन्दा पहुँचे और ग्राम पंचायत को “टीबी मुक्त” प्रमाण पत्र सौंपा।
जिन्दा ऐसा ही होगा – जागरूक, संगठित और स्वस्थ

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, गांव जिन्दा आज सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और जनभागीदारी का जिन्दा प्रमाण है। यह नाम केवल पहचान नहीं, अब एक आदर्श बन गया है। हमें पूरा प्रदेश ऐसा ही जिन्दा बनाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के असर को रेखांकित करते हुए कहा कि अब टीबी का इलाज सुलभ, सरल और जनसमर्थित है। स्वास्थ्य मंत्री ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा की सतत भागीदारी और जिले की प्रशासनिक टीम की सक्रियता की विशेष सराहना की।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, गांव जिन्दा ने जो करके दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण है। जब गांव जागरूक होता है, तो हर बीमारी हार मानती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं — यह उपलब्धि पूरे देश में छत्तीसगढ़ को विशिष्ट स्थान दिलाती है।
जिन्दा मॉडल की खास बातें :
निक्षय मित्र योजना के तहत समाजसेवियों ने निभाई अहम भूमिका
आयुष्मान कार्ड वितरण से नये हितग्राहियों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
सक्रिय स्क्रीनिंग, नियमित दवा और पोषण सहायता से मिली सफलता
जनजागरण, पंचायत सहयोग और प्रशासनिक निगरानी ने रचा इतिहास
#गांव_जिन्दा #टीबीमुक्तभारत #छत्तीसगढ़_की_शान #श्यामबिहारी_जायसवाल #स्वास्थ्य_क्रांति #ZindaModel #NikshayMitra #AyushmanBharat #TBFreeVillage #ZindaExample


About The Author










































