रोपाई करने पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, पर सोशल मीडिया ने बो दिया तंज का बीज
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सूरजपुर।
“कर्मभूमि नहीं, कुर्सी भूमि!”
यही संदेश देती नजर आईं छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, जो खेत में धान रोपने तो पहुंचीं, मगर जमीन पर नहीं, कुर्सी पर विराजमान होकर।

सूरजपुर जिले के एक खेत में मंत्री जी की मौजूदगी को मीडिया ने ‘जमीनी जुड़ाव’ का रंग देने की कोशिश की, मगर सोशल मीडिया ने उसे बना दिया ‘कुर्सी प्रेम की ब्रांडिंग’। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खेत में महिलाएं कीचड़ में बैठकर रोपा लगा रही थीं, वहीं ठीक बीच में मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठी हुई ‘नाटकीय शैली’ में हाथ चलाती नजर आईं।
सोशल मीडिया पर तंज का प्रहार:

“जमीन पर जनता है, मंत्रीजी कुर्सी पर — यही है VIP खेती!”
“धान रोपने नहीं, फोटो खिंचवाने गई थीं मंत्री जी!”
“कीचड़ में काम करती महिलाओं के बीच, सफेद कपड़ों में कुर्सी वाली ‘कर्मयोगी’…”

सवाल बड़ा है…
क्या सच्चे जनसेवक का काम सिर्फ खेत में जाकर कुर्सी जमाकर कैमरे के लिए पोज देना है?
क्या मेहनतकश महिलाओं के बीच बैठना, उनके श्रम को समझना, इतना कठिन है कि मंत्री को कुर्सी चाहिए?
या फिर ये वही “कुर्सी” है, जो आजकल हर मंच, हर अवसर, हर फोटो में सबसे पहले फिट की जाती है — चाहे वो खेत हो या संसद?


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