नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़ : शिक्षा विभाग में चल रहे खेल और मनमानी की एक बानगी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसगढ़ी में देखने को मिली है। औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल में शैक्षणिक व्यवस्था की पोल खुल गई, जहां एक तरफ शिक्षक बिना स्कूल आए ‘वीएसके ऐप’ (VSK App) पर अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ बच्चों का शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर और कॉपियों की जांच तक नहीं पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने लापरवाह प्रधानपाठक और शिक्षकों को कड़ा ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है।
निरीक्षण में उजागर हुई जमीनी हकीकत
विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनेन्द्रगढ़, विकासखंड स्रोत समन्वयक और संकुल शैक्षिक समन्वयक बरकेला की संयुक्त टीम ने दिनांक 27.10.2026 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसगढ़ी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं पाई गईं:
- बिना स्कूल आए ऑनलाइन हाजिरी: निरीक्षण में खुलासा हुआ कि शिक्षक विश्वजीत पटेल शासकीय उपस्थिति पंजी में आकस्मिक अवकाश पर दर्ज थे, इसके बावजूद ‘वीएसके ऐप’ में उनकी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज पाई गई। पूछताछ में सहायक शिक्षक धीरज नागवानी ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही विश्वजीत पटेल की फर्जी उपस्थिति दर्ज की थी।
- बच्चों की कॉपियों की जांच नहीं और कमजोर स्तर: कक्षाओं में बच्चों की कॉपियों की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। त्रैमासिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन भी लंबित मिला तथा विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर पाया गया।
- अपूर्ण किचन गार्डन और शैक्षणिक कैलेंडर की अनदेखी: शाला में डी.पी.आई. द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार शिक्षण कार्य नहीं हो रहा था और किचन गार्डन का निर्माण भी अधूरा पाया गया।
प्रशासन का कड़ा रुख: थमाया गया कारण बताओ नोटिस
इस भारी अनियमितता, स्वेच्छाचारिता और पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के सर्वथा विपरीत मानते हुए कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मनेन्द्रगढ़ द्वारा संबंधित शिक्षकों पर शिकंजा कसा गया है:

- प्राधानपाठक और शिक्षकों को चेतावनी: प्रधानपाठक सहित संबंधित शिक्षकों को दिनांक 30.10.2026 के पूर्व अधोहस्ता्रकर्ता के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार: तय समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिसकी पूरी जवाबदेही स्वयं संबंधितों की होगी।
इस बड़ी कार्रवाई से शिक्षा विभाग के अन्य लापरवाह कर्मियों में भी हड़कंप मच गया है।
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