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बच्चों का चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की असली आधारशिला : डॉ. वर्णिका शर्मा

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महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में आयोग द्वारा ‘मोर मयारू गुरुजी’ कार्यक्रम का सफल आयोजन, शिक्षकों और भावी शिक्षकों को सिखाए गए बच्चों के अधिकार

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर|“राष्ट्र का भविष्य सीमाओं पर नहीं, बल्कि कक्षाओं में आकार लेता है।” इसी ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए आज राजधानी के महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (MAIC) में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ‘मोर मयारू गुरुजी’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने शिक्षकों और बी.एड./डी.एड. के छात्र-छात्राओं को बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और उनके अधिकारों के संरक्षण का नया दृष्टिकोण प्रदान किया।

शिक्षक का कार्य एक पवित्र यज्ञ: डॉ. वर्णिका शर्मा

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बेहद प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा:

बच्चों को सही दिशा देना और उनके भीतर उत्तम चरित्र के बीज बोना ही एक शिक्षक का परम धर्म है। शिक्षक को अपने इस दायित्व को एक ‘यज्ञ’ की भांति पूर्ण समर्पण के साथ निभाना चाहिए, क्योंकि आज के बच्चे ही कल के सुदृढ़ राष्ट्र की नींव हैं।

सीखने का मनोविज्ञान: 80% अवलोकन, 20% श्रवण

​आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे ने तकनीकी और व्यावहारिक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पॉवर पॉइंट प्रस्तुति, लघु फिल्मों और रोचक कहानियों के जरिए एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि बच्चे जो सुनते हैं उससे कहीं ज्यादा वह सीखते हैं जो वे अपने आसपास देखते (अवलोकन) हैं।

  • सीखने का अनुपात: बच्चा 80% बातें व्यवहार देखकर और केवल 20% बातें सुनकर या पढ़कर सीखता है।
  • निष्कर्ष: शिक्षकों का आचरण ही बच्चों के लिए सबसे बड़ी सीख है।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस संवादमूलक कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जास्मिन जोशी, उप-प्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी, शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। विशेष रूप से बी.एड. और डी.एड. के लगभग 125 भावी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और इसे अपने करियर के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

आभार एवं कृतज्ञता

​कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रबंधन ने डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। कॉलेज परिवार ने कहा कि अध्यक्ष महोदया की गरिमामयी उपस्थिति और उनके मार्गदर्शन ने संस्थान के शैक्षणिक वातावरण में नई ऊर्जा का संचार किया है। वहीं आयोग ने भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कॉलेज द्वारा की गई इस पहल की सराहना की।

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