अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर जैसे चेहरों को निर्देशित करते थे चैतन्य, डिजिटल एविडेंस ने बढ़ाई मुश्किले
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW/ACB) ने आज एक बड़ा धमाका किया है। विशेष न्यायालय रायपुर में विवेचनाधीन इस मामले में चैतन्य बघेल के विरुद्ध आठवाँ पूरक अभियोग पत्र पेश किया गया। इस चालान ने न केवल घोटाले की परतों को उधेड़ा है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि तत्कालीन सत्ता के गलियारों से इस पूरे अवैध तंत्र को किस कदर संरक्षण मिल रहा था। जाँच एजेंसी के मुताबिक, घोटाले की रकम अब 3074 करोड़ के पार जा चुकी है, जिसके 3500 करोड़ से ऊपर पहुँचने की प्रबल संभावना है।
सिंडिकेट के ‘सुपर बॉस’ थे चैतन्य !
ईओडब्ल्यू द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, चैतन्य बघेल की भूमिका महज एक आरोपी की नहीं, बल्कि पूरे आबकारी वसूली तंत्र (सिंडिकेट) को खड़ा करने और उसे निर्देशित करने वाले ‘संरक्षक’ की थी। जाँच में पाया गया कि वे अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया और अरुणपति त्रिपाठी जैसे रसूखदार अधिकारियों और अनवर ढेबर जैसे जमीनी गुर्गों के बीच सेतु का काम करते थे। प्रशासनिक निर्णयों में हस्तक्षेप कर सिंडिकेट के हितों की रक्षा करना चैतन्य की मुख्य जिम्मेदारी थी।

250 करोड़ का हिस्सा और रियल एस्टेट में निवेश
जाँच एजेंसी ने दावा किया है कि इस महाघोटाले की काली कमाई का लगभग 200 से 250 करोड़ रुपया सीधे चैतन्य बघेल के हिस्से में गया। साक्ष्यों के अनुसार, उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लन की फर्मों के माध्यम से बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल कर इस रकम को अपने पारिवारिक फर्मों में डाइवर्ट किया। इस अवैध धन का बड़ा हिस्सा निर्माणाधीन रियल एस्टेट परियोजनाओं और पारिवारिक मित्रों के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया गया है।
डिजिटल सबूतों ने खोली पोल
आज न्यायालय में पेश किए गए चालान में न केवल वर्तमान स्टेटस रिपोर्ट दी गई है, बल्कि गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध डिजिटल एविडेंस (डिजिटल साक्ष्य) की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी गई है। ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि चैतन्य बघेल के उच्चस्तरीय प्रभाव और नीतिगत हस्तक्षेप के कारण ही यह घोटाला इतने लंबे समय तक बिना किसी बाधा के चलता रहा।
जाँच अभी जारी है…
प्रकरण में अब तक मूल अभियोग पत्र सहित कुल 08 चालान पेश किए जा चुके हैं। ईओडब्ल्यू ने कोर्ट को बताया कि अन्य संदिग्धों और कड़ियों को जोड़ने के लिए विवेचना की कार्यवाही निरंतर जारी है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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