संलग्नीकरण निरस्त होते ही भरभराकर ढहा ‘अघोषित अधिकारियों’ का साम्राज्य, सरकारी ग्रुप में शुरू हुआ तंज और बगावत का खेल, क्या अनुशासनहीनता फैलाने वालों पर गिरेगी नई कलेक्टर की गाज ?
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ । प्रशासनिक व्यवस्था में जब रसूख का नशा सिर चढ़कर बोलने लगे, तो अदना सा कर्मचारी भी जिले के सर्वोच्च पद पर बैठे अधिकारी के फैसलों को सरेआम चुनौती देने से नहीं चूकता। मनेंद्रगढ़ शिक्षा विभाग में इन दिनों कुछ ऐसा ही ‘प्रशासनिक विद्रोह’ देखने को मिल रहा है। नवपदस्थ कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जिले की चरमराती शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जैसे ही अवैध संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को निरस्त करने का कड़ा और ऐतिहासिक आदेश जारी किया, विभाग के ‘अघोषित साहबों’ की मलाईदार कुर्सियां छिन गईं।
कुर्सी जाते ही इन शिक्षकों का अहंकार इस कदर टूटकर बिखरा कि इन्होंने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दीं। जिला शिक्षा विभाग के आधिकारिक ग्रुप में ही इन रसूखदार शिक्षक ने कलेक्टर के निर्णय पर खुलेआम सवाल उठाने और तंज कसने का मोर्चा खोल दिया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।


वीरेंद्र पांडेय की खीझ: ‘बाबू और चपरासियों को भी भेजो वापस’
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 2 साल तक सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) की कुर्सी पर मलाई काटने वाले मूल शिक्षक वीरेंद्र पांडेय का रसूख ऐसा था कि इन्होंने पूरे विभाग को अपनी उंगलियों पर नचाया। लेकिन जैसे ही कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के आदेश से इनका संलग्नीकरण निरस्त हुआ, इन्होंने अपनी गलती मानने या मूल शाला जाने के बजाय शिक्षा विभाग के ग्रुप में जहर उगलना शुरू कर दिया।
वीरेंद्र पांडेय ने आदेश आते ही ग्रुप में लिखा— “हमारे विभाग के बाबू और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को भी वापस करना चाहिए, जिनके कारण भी रिजल्ट खराब हुआ है।” यह बयान साफ दर्शाता है कि महोदय खुद को पाक-साफ बताकर अपनी भड़ास छोटे कर्मचारियों पर निकाल रहे हैं और कलेक्टर के फैसले को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
बड़ा सवाल : नई कलेक्टर के फैसले को चुनौती देने वालों पर क्या होगा एक्शन ?
अब पूरी जनता और जिले के ईमानदार कर्मचारियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि:
- क्या रसूख के आगे झुकेगा प्रशासन? शासकीय ग्रुप में खुलेआम कलेक्टर के आदेश पर सवाल उठाने वाले वीरेंद्र पांडेय पर क्या तत्काल निलंबन की कार्रवाई होगी?
- DEO आर. पी. मिरे क्या स्टैंड लेंगे? जब उनके ही मातहत कर्मचारी सरेआम उन पर दोष मढ़ रहे हैं, तो क्या जिला शिक्षा अधिकारी इन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे?
- कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का अगला कदम क्या होगा? जिले में सुशासन की शुरुआत करने वाली नई कलेक्टर क्या इन अनुशासनहीन शिक्षकbके वायरल चैट और वीडियो का संज्ञान लेकर इन्हें इनकी सही जगह (मूल शाला) भेजने के बाद कड़ा दंड देंगी?
देखना दिलचस्प होगा कि नई कलेक्टर संतन देवी जांगड़े का ‘प्रशासनिक हंटर’ इन बेलगाम हो चुके शिक्षकों पर किस कदर बरसता है, या फिर रसूखदार लॉबी इस कड़े फैसले को भी ठंडे बस्ते में डलवाने में कामयाब हो जाएगी। ‘नई पहल’ इस पूरे मामले की हर एक हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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