लोकतंत्र में दमन बर्दाश्त नहीं, कद्दावर नेता गुलाब कमरो ने कलेक्टर डी. राहुल वेंकट पर लगाए पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। जिले में सियासी और प्रशासनिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। क्षेत्र के पूर्व विधायक और ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने जिले के कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के खिलाफ सीधी जंग का ऐलान कर दिया है। पूर्व विधायक ने कलेक्टर पर सरकारी कर्मचारियों के दमन और ‘पुलिसिया आतंक’ का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीधे देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है।
शक्ति प्रदर्शन या तानाशाही ?
एक तरफ जहाँ प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रहा है, वहीं पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इसे ‘खुली तानाशाही’ करार दिया है। मामला 30 दिसंबर का है, जब आंदोलनकारी कर्मचारियों पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। कमरो का आरोप है कि कलेक्टर ने न केवल कर्मचारियों को पुलिस के साये में डराया-धमकाया, बल्कि प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों को ताक पर रखकर, बिना पक्ष सुने उन्हें निलंबित कर दिया। एक पूर्व विधायक का इस लड़ाई में सामने आना यह साफ करता है कि मामला अब शासन के गलियारों में बड़ा तूल पकड़ने वाला है।


पूर्व विधायक के पत्र की 3 बड़ी बातें:
- गैर-संवैधानिक कार्रवाई: गुलाब कमरो ने स्पष्ट कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से हड़ताल का समर्थन कर रहे कर्मचारियों को अपराधी की तरह थाने ले जाना और घंटों बैठाए रखना शासकीय मर्यादा के खिलाफ है।
- बिना नोटिस निलंबन: पत्र में सवाल उठाया गया है कि बिना ‘कारण बताओ नोटिस’ दिए एकतरफा निलंबन आदेश कैसे जारी किए गए? यह सेवा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
- डर का माहौल: कमरो ने आरोप लगाया कि कलेक्टर कार्यालय में पुलिस बुलाकर कर्मचारियों को भयभीत करना एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक है।
“संजय पाण्डेय का उदाहरण बना ढाल”
गुलाब कमरो ने अपने शिकायती पत्र में पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह पहले भी राजस्व निरीक्षक संजय पाण्डेय को नियम विरुद्ध निलंबित किया गया था और बाद में उन्हें बहाल करना पड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा कार्रवाई भी तथ्यहीन और द्वेषपूर्ण है, जिसे निरस्त किया जाना चाहिए।
इन बड़े दफ्तरों में पहुंची शिकायत:
पूर्व विधायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी प्रतिलिपि इन विभागों को भेजी है:
- प्रधानमंत्री कार्यालय
- कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- मुख्यमंत्री कार्यालय
- मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
गुलाब कमरो की सक्रियता ने इस विवाद को अब हाई-प्रोफाइल बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक पूर्व विधायक का सीधे कलेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाना जिले की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। कर्मचारियों के बीच कमरो की इस पहल से भारी समर्थन मिल रहा है, जिससे प्रशासन अब बैकफुट पर नजर आ रहा है।
क्या मुख्यमंत्री इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश देंगे? या फिर कलेक्टर और पूर्व विधायक के बीच यह टकराव और उग्र रूप लेगा ? नजरें अब राजधानी के फैसले पर टिकी हैं।
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